सभी
मित्रों को समर्पित :-
दोस्त
इस काफिले में चंद ऐसे मिले
रखा
जो सर , मज़बूत शाने मिले
झंडे , जेवर , ज़मीन पास हो ना हो
ज़मीरों -महोब्बत के मगर पक्के मिले।
त्रिभवन कौल
मित्रों
26
नवंबर, 2017 को मेरे व्यक्तिगत निमंत्रण पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिंदी
मासिक पत्रिका ट्रू मीडिया के नवम्बर अंक ( जो कि आपके इस मित्र के व्यक्तित्व- कृतित्व पर केन्द्रित विशेषांक है
) में सम्मिलित मित्र लेखक -कवियों की एक काव्य गोष्ठी युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के तत्वावधान में आयोजित
की गयी जिसकी अध्यक्षता श्री रामकिशोर उपाध्याय
जी ने की। इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री सुरेश
पाल जसाला जी रहे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप
में श्री ओमप्रकाश प्रजापति जी और डॉ.
पवन विजय जी रहे | इस अवसर पर सर्व श्री
ए.एस.अली खान जी , दिलदार देहलवी जी, अकेला इलाहाबादी जी ,ओम प्रकाश शुक्ल जी
, श्वेताभ पाठक जी , सुश्री लता यादव जी ,डॉ.
इंदिरा शर्मा जी ,डॉ किरण मिश्रा जी
, बेबी गौरी, पर्पल पेन की संस्थापक सुश्री वसुधा कनुप्रिया जी मौजूद रहे| इस मौके पर सभी साहित्यकारों ने मुझ
अकिंचन के बारे में अपने-अपने विचार तो रखें ही अथितियों ने अपने काव्य विचारों का एक बहु आयामी दृष्टान्त प्रकट किया। सभी ने अपनी
बेहतरीन गज़लें और रचनाओं द्वारा एक समां बाँध दिया। अनुज श्वेताब पाठक ने मंच संचालन प्रभावशाली और
अपने अनूठे अंदाज़ में किया। अनुज ओमप्रकाश शुक्ल ने हमेशा के तरह पूरे मन से इस गोष्ठी
में अपना पूरा सहयोग दिया। आभार आप सभी मित्रों का।
मैं,
त्रिभवन कौल , हार्दिक आभारी हूँ सभी उन मित्रों का जिन्होंने कार्यक्रम की अल्प सूचना होते हुए भी अपना समय निकाल
कर मुझे भाव-विभोर कर दिया और उन मित्रों का भी जो किसी अपरिहार्य कारणों के कारण इस
गोष्ठी में नहीं आ पाए पर जिनकी शुभकामनायें मेरे साथ रहीं।
ट्रू
मीडिया के अशोक कुमार जी का उल्लेख करना नहीं भूलूंगा जिनकी निपुण फोटोग्राफी ने इस
कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। हार्दिक धन्यवाद।
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