Friday, 8 July 2016

चंद लम्हों में फ़ैसला न करो




चंद लम्हों में फ़ैसला न करो*
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क्या शिकायत क्या शिकवा
क्यूँ  हम ज़िंदगी से रुसवा
जाने की यूं ज़िद नही ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो...

सोचा क्या था क्या हो गया 
प्यार हमारा कहां खो गया
सज़ा से मुझे बरी ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

भूल गए हम बरसात की रातें
हाथ में हाथ डाल प्रेम भरी बातें 
जो शरू है हुअा अंत  ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

लपेटे अहम्  बेकार ही
प्यार चैन ओ  करार ही 
रिश्तों को यूँ खत्म ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो
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सर्वाधिकार सुरक्षित/त्रिभवन कौल/ 08-07-2016
*पंक्ति FB/काफ़िया ग्रूप से ली गई है 

5 comments:

  1. Dr Shaista Irshad
    Saza se bari na karo.. Subhanallah subhanallah
    July 8 at 10:59pm
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    Anisha Angra
    Saza se mujhe bari na karo
    Perfect line👌
    July 9 at 12:37pm
    ===========================via fb/kaffia

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  2. Ramkishore Upadhyay
    July 13 at 6:52pm
    जाने की यूँ जिद नहीं न करो / चंद लम्हों में यूँ मुकरा न करो ..............
    via fb/TL

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  3. Rajeshwer Sharma
    July 14 at 7:20am
    वाह सर!!!!बहोत ही खूबसूरत ।
    via fb/TL

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  4. Bindu Kulshrestha
    वाह्ह्ह्ह्ह् वाह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्
    July 18 at 11:51am
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    Amrata Mandloi Pota
    बहुत खूब आदरणीय
    July 18 at 12:18pm
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    Om Prakash Shukla
    वाह वाह
    बहुत खूब
    July 18 at 12:23pm
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    गोप कुमार मिश्र
    वाह वाह बेमिसाल बहुत खूब
    July 18 at 12:31pm
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    Ravindra Varma
    अति सुन्दर
    July 18 at 12:55pm
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    Ramkishore Upadhyay
    भूल गए हम बरसात की रातें
    हाथ में हाथ डाल प्रेम भरी बातें
    जो शरू है हुअा अंत ना करो
    चंद लम्हों में फ़ैसला न करो---अद्भुत सृजन ,,,,क्या बात कही आदरणीय ,,नमन आपकी लेखनी को
    July 18 at 1:04pm
    ----------------- via fb/ Yuva Utkarsh Sahityk Manch

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  5. Sharda Madra
    सजा से मुझे बरी न करो
    वाह्ह्ह्ह्ह् कमाल के भाव लिए
    उत्तम सृजन।
    July 18 at 1:20pm
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    Satish Gupta
    वाह्ह वाह
    July 18 at 2:14pm
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    राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
    वाह लाजवाब सृजन आदरणीय नमन
    July 18 at 2:34pm
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    गोप कुमार मिश्र
    लपेटे अहम् बेकार ही
    प्यार चैन ओ करार ही
    रिश्तों को यूँ खत्म ना करो
    चंद लम्हों में फ़ैसला न करो,,,,,, वाहहहहहह अनुपम
    July 18 at 4:03pm
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    Mridula Shukla
    वाह्ह्ह्ह् बहुत खूब
    July 18 at 5:58pm
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    Sonia Gupta
    अति सुंदर सृजन आपकी लेखनी द्वारा आदरणीय sir
    July 18 at 8:10pm
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    Sushila Bhagasara Shivran
    वाह
    बहुत खूब
    July 18 at 8:13pm
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    अलका गुप्ता
    वाह्ह्ह अति सुन्दर भाव अभिव्यक्ति
    July 18 at 8:47pm
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    Mahatam Mishra
    वाह्ह्ह्ह् वाह आदरणीय वाह, बहुत खूब
    July 18 at 8:50pm
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    Satish Gupta
    अनुपम सृजन
    July 18 at 9:22pm
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    रंजना नौटियाल
    वाह सर बहुत हि सुन्दर रचना ।
    July 18 at 9:52pm
    -----------------------------------via fb/Yuva Utkarsh Sahityk Manch

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