Thursday, 13 July 2017

चंद लम्हों में फैसला ना करो।




चंद लम्हों में फ़ैसला न करो*
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क्या शिकायत क्या शिकवा
क्यूँ  हम ज़िंदगी से रुसवा
जाने की यूं ज़िद नही ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो...

सोचा क्या था क्या हो गया 
प्यार हमारा कहां खो गया
सज़ा से मुझे बरी ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

भूल गए हम बरसात की रातें
हाथ में हाथ डाल प्रेम भरी बातें 
जो शरू है हुअा अंत  ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

लपेटे अहम्  बेकार ही
प्यार चैन ओ  करार ही 
रिश्तों को यूँ खत्म ना करो
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो
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सर्वाधिकार सुरक्षित/त्रिभवन कौल

5 comments:

  1. Sudha Lodhi
    July 13 at 11:40pm
    चंद लम्हों में अगर फैसला न करो तो वे अक्सर बदल जाया करते हैं... सर :)
    --------------------------------via fb/निर्झरणी भावनाओं की

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  2. Shakuntala Tanwar
    फैसलों के लिए समय रखना चाहिए
    July 13 at 11:19am
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    Seharyar Khan
    Too romantic
    July 13 at 11:36am
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    Ranjana Patel
    Waaaah
    July 13 at 1:04pm
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    Reeta Grover
    बहुत बड़िया ।
    July 14 at 9:58am
    -------------------------via fb/TL

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  3. via fb/purple pen
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    Rajnee Ramdev
    वाहह बेहतरीन अभिव्यक्ति
    July 18 at 10:54pm
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    Pankaj Sharma
    शब्दों का करिश्माई जादू दिल को छू गया ।
    बहुत सुंदर आदरणीय ।
    July 18 at 10:56pm
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    Arun Sharma
    Ati uttam
    July 18 at 11:03pm
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    निशि शर्मा 'जिज्ञासु'
    बहुत सुंदर
    July 18 at 11:16pm
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    Chanchala Inchulkar Soni
    बहुत बहुत ही सुंदर गीत ...
    July 19 at 6:54am
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    वसुधा कनुप्रिया
    चंद लम्हों में फ़ैसला न करो.... बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति आदरणीय कौल जी । सादर नमस्कार
    July 19 at 8:55am
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    Amrata Mandloi Pota
    वाहह सुन्दर सृजन आदरणीय
    July 19 at 12:58pm
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    Indira Sharma
    Vaah. Ek siikh chand lamhon men faisla n karo
    July 19 at 1:04pm
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  4. via fb/ युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच
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    Milan Singh
    अति सुंदर सृजन।
    July 18 at 11:19pm
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    Raj Kishor Pandey
    सुंदर सृजन आदरणीय
    July 18 at 11:26pm
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    Rahat Barelvi
    अति सुंदर सृजन प्रेम गीत। बधाई सर
    July 18 at 11:31pm
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    गुप्ता कुमार सुशील
    वाहह भावप्रद सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय.🙏
    July 19 at 1:04am
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    Ravi Sharma
    वाहहहहह शानदार
    July 19 at 3:17am
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    Rajesh Srivastava
    बहुत सुन्दर सार्थक सृजन ,
    July 19 at 4:10am
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    Sharda Madra
    वाह अतीव सुंदर
    July 19 at 6:27am
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    Reeta Grover
    उत्तम प्रस्तुति ।
    July 19 at 2:31pm
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    Mahatam Mishra
    बहुत ही सुंदर आदरणीय, लपेटे अहम् बेकार ही
    प्यार चैन ओ करार ही
    रिश्तों को यूँ खत्म ना करो
    चंद लम्हों में फ़ैसला न करो
    --------------------------------वाह वाह
    July 19 at 3:46pm

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  5. Prahlad Pareek
    वाह्ह्ह
    July 19 at 8:44pm
    ----------------via fb/युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच

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