Sunday, 12 July 2015

लघुतम कथा (Flash Fiction) - चारा



लघुतम कथा (Flash Fiction)

चारा
------------------------------
रचना  ने  उस  व्यक्ति के  इरादों  को  भांपने  में  समय  नहीं  लगाया  . भीड़   थी  तो  उसे  

कोई  डर नहीं  लगा पर  अब  वह  भयभीत  थी . राकेश  किसी  काम  में  फंस  गया  था  और   

रचना को  यह  बात  उसको  बहुत  देर  बाद फ़ोन पर  बतायी . नेटवर्क नहीं मिलने पर  वह  

स्टेशन  के  बाहर    गयी . बाहर  भी  सब  सुनसान  था . रचना   ने  पीछे  मुड़  कर  देखा   तो  
उस व्यक्ति को  अपने  कुछ  दूर  ही  पाया . वह अब  घबरा  गयी . अचानक  एक  टैक्सी  उसके  

सामने  रुकी . रचना  ने  चैन  की साँस ली  और  झटपट  टैक्सी  का  दरवाजा  खोल  कर  बैठ  

गयी .’ पीरागढ़ीरचना ने  कहा  . टैक्सी  चल  पड़ी . थकी  हुइ थी . आँख  लग  गयी . दस  

मिनट  बाद  देखा  के  टैक्सी  जंगल  के  रास्ते से  जा  रही  थी . रचना ने  चिल्ला  कर  टैक्सी  

रोकने  को  कहा . टैक्सी  रूक  गयी . टैक्सी    वाले  के  हाथ  में  रामपुरी  देख  कर  वह  बेहोश  

हो  गयी . होश  आया  तो  वह  पुलिस  वालों  से  घिरी  हुईं  थी . टैक्सी  वाले  को  हथकड़ी  लगी  
थी . स्टेशन  वाला  वह  अजनबी उसके पति राकेश के साथ खड़ा  मुस्कुरा  रहा  था  और  

पुलिसवाले  उसके  आदेशों  का  पालन  तत्परता  से  कर  रहे  थे ." शुक्रिया  मैम , आपने और 

आपके पति ने  इस  खूँखार  बलात्कारी  को   पकड़वाने  में  मदद  की."
---------------------------------------x----------------------------------------
सर्वाधिकार सुरक्षित/त्रिभवन कौल

7 comments:

  1. Sheikh Shahzad Usmani
    July 12 at 2:36pm

    तो साहब ये विधा भी!!!! बहुत खूब आदरणीय जी....
    via fb

    ReplyDelete
  2. प्रो. विश्वम्भर शुक्ल
    July 12 at 6:09pm

    ह्रदय को छू गई यह घटना जिसे आपने रोचक शब्दावली में सार्थक कथा का रूप दे दिया है नमन आपकी लेखनी को Tribhawan Kaul जी

    via fb/YUSM

    ReplyDelete
  3. Pradeep Sharma 3:01pm Jul 12
    Nice
    ------------------------------------
    Ramkishore Upadhyay 2:18pm Jul 12
    अति सुंदर ..क्या इत्तेफाक था ।।
    ----------------------------------------
    Chandra Prakash Pareek 9:27pm Jul 12
    बहुत सुन्दर

    via fb/YUSM

    ReplyDelete
  4. Dinesh K Vohra Bahut khoob dost
    -------------------------------------------
    रंजना नौटियाल बहुत अच्छी कथा ।
    ---------------------------------------------
    वसुधा 'कनुप्रिया' बहुत अच्छा विषय और प्रस्तुती है आदरणीय ।
    via fb/Purple Pen 12 Jul 15

    ReplyDelete
  5. Jai Krishna पिछली कथा एक आतंकवादी की गिरफ्तारी, ये एक बलात्कारी की .दोंनों ही महिला प्रयासों से .आपकी लघु - कथाएँ रोचक होती हैं और महिला पात्रों से यह रोचकता बढ़ जाती है .

    via fb 12 Jul 15

    ReplyDelete

  6. Nazre Imam
    July 13 at 4:00am

    Bht bht kamal ka likha aapne
    via fb

    ReplyDelete


  7. Harmeet Gulati
    July 18 at 3:16pm

    superb

    via fb

    ReplyDelete