Sunday, 24 September 2017

चिंता निवारक (लघुतम कथा)

चिंता निवारक (लघुतम कथा)
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एक मानवी थी।  एक मानव था। एक प्रेयसी बनी दूसरा प्रेमी बना। प्रेम भरे  विलक्षण से संसार में एक दुसरे को समन्वेषण करते हुए वह दोनों  रंगीन  सपनो के बागीचे में विचरण करने लगे।  प्रेयसी से पत्नी और प्रेमी से पति बनने तक का काल उन दोनों के लिए सबसे सुखद और मधुमासीय रहा। इसके बाद का काल दोनों के लिए तो अनिश्चित काल की परिभाषा को ही सार्थक करने लगा । कब , क्या, कैसे , क्यों , कहाँ , कौन  इन सब  प्रश्नो की सुरंगों में उत्तर  ढूँढ़ते , ग्रहस्थी के भवँर से  दोनो झूझते रहे। प्रेम -नफरत, आशा -निराशा, विश्वास -अविश्वास, दुःख -सुख  के घेरों से  सफलतापूर्वक बाहर निकल आने को आतुर दोनों लेखन की दुनिया में प्रवेश  कर गए। लेखन, एक सक्षम चिंता  निवारक राम बाण। 
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सर्वाधिकार सुरक्षित /त्रिभवन कौल

Sunday, 27 August 2017

दुपदी (Couplet-20)


कर दिया बदनाम 'राम' के नाम को भी,  बेशर्म संतो

'मरा ' 'मरा ' का काल, तुम्हारे नसीब , वह भी नहीं है ।


kar diya badnaam 'Ram' ke naam ko bhi , besharm santo
'mra'  'mra ' kaa kaal, tumhare naseeb, wh bhi nahi hai. 
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त्रिभवन कौल
27-08-2017/posted on FB / Wriiten  on the arrest of Baba Ram Raheem of Dera Saccha Sauda on 25 the Augsut 2017 on rape charges (convicted) and following carnage by his followers.
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Friday, 25 August 2017

गणेश जी की प्रार्थना

Today, the 25th of August 2017 Ganesh Chaturthi , we brought home Gajanana to usher festivities relating to Ganeshutsav. May Lord Ganesh usher good health and prosperity for every human being on this planet. Tathastu.





यह आरती गणपति जी की मराठी आरती से प्रेरित तो है पर उसका अनुवाद बिलकुल नहीं है. हाँ पहला मुखड़ा जरूर मराठी आरती के समान ही लिखा गया है. अगर यह आरती मेरे पाठकों को पसंद आ गयी तो मेरी इच्छा होगी  कि यह आरती भारत के घर घर में गयी जाये.


गणेश जी की प्रार्थना
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जय देव, जय देव , मंगल मूर्ती
सब की करते आप कामना पूर्ती ....जय देव जय देव.

जब कोई आपके दर पर आता
खाली हाथ कभी नहीं जाता .......जय देव जय देव

आप सुख देते, आप दुःख हरते
हम सब की झोली खुशियों से भरते ....जय देव जय देव

मोदक प्रिये है,  हे चारभुजाधारी
हमको भी प्रिये मानो, हे विघ्नहारी.....जय देव जय देव

माता पिता अब आप ही हमारे
वास करिये घर में. हे एकदंत हमारे. .....जय देव जय देव

अगले बरस जब तक आप आयें
सृमिदी सेहत खूब बढाएं.......जय देव जय देव

प्रणाम करते है हम अज्ञानी
पूजा में कमी हो, क्षमा करना दानी .....जय देव जय देव

जय देव, जय देव , मंगल मूर्ती
सब की करते आप कामना पूर्ती ....जय देव जय देव.
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प्रार्थना इति
सर्वाधिकार सुरक्षित/त्रिभवन कौल/2015

Saturday, 19 August 2017

फेसबुकया प्यार



फेसबुकया प्यार
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तृष्णा ने लैपटॉप खोला। स्टार्ट स्विच दबाया तो उसके समक्ष  उसीकी एक मनमोहक अंदाज़ में खींची गयी तस्वीर प्रस्तुत हो गयी। तस्वीर को देख कर उसके मुख पर स्माइली समान एक मुस्कान छितर गयी। एक भरपूर अंगड़ाई लेकर उसने फेसबुक की साइट में लाग इन कर दिया। होम पेज आते ही उसके सामने फेसबुक द्वारा सुझावित पुरानी यादों के स्टेटस थे जो वह शेयर कर सकती थी और कुछ मित्र बनाने के सुझाव भी सामने थे। ' हूँ।  दिलचस्प। ' उसने सोचा और  हर सुझावित पुरुष मित्रों के पटल को जांचने परखने लगी। एक पुरुष मित्र का प्रोफाइल उसको भा गया तो उसने 'मित्र इच्छा ' पर क्लिक कर दिया। 
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तुषार आईफ़ोन पर किसी से लेन देन की बात कर कर रहा था जब उसके फ़ोन पर फेसबुक मैसेज की सूचना प्राप्त हुए । उस समय तो उसने सूचना को अनदेखी कर दिया पर घर पहुँचते ही उसने अपना लैपटॉप खोला , फेसबुक पर गया I तृष्णा के मित्र निवेदन को पा कर उसके पटल पर गया I तृष्णा की मनमोहक तस्वीर देखी , पर उसके बारे में अधिक जानकारी ना पा कर भी उसने उसके मित्र निवेदन को स्वीकार कर लिया।
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फेसबुक ने दुनिया की आधी आबादी को इतना नज़दीक ला कर खड़ा कर दिया कि किसी से भी सम्पर्क साध लीजिये और जान पहचान बना लीजिये।  तुषार और तृष्णा को केवल एक हफ्ता लगा उस मंजिल को पाने में जिसे पाने में पहले महीने -साल लग जाते  थे I अब फेसबुक चट बोल पट खोल के फंडे को साकार करता दिखाई देता है। दोनों एक दुसरे के बारे में जानने को  उत्सुक थे। एक महीना भी नहीं बीता कि अजनबी से मित्र, प्रिय मित्र, आप , तुम फिर हम  बनते देर नहीं लगी। पहले हाय -हेलो , फिर हाल-चाल , फिर एक दूसरे के शौक- वोक ,फिर घरबार - आमदनी फिर अता -पता और अंत में मुलाक़ात का वादा। यही तो है फेसबुकया प्यार।
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"यस !" तुषार बहुत प्रसन्न था और बियर की बोतल ले कर चुस्कियां लेने लगा।
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" यस !" तृष्णा को मानो मन मुताबिक वस्तु मिल गयी हो।  उसने शॉपिंग माल जाने का इरादा कर लिया।
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फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक जैसे दोनों एक दुसरे के लिए ही बने थे। तृष्णा  दिल्ली से थी और तुषार मुंबई से। दोनों ने पहली बार आपस में मिलने को तय किया। तृष्णा मुंबई नहीं आना चाहती थी , तुषार दिल्ली नहीं जाना चाहता था। किस डर से वह डर रहे थे वह वही दोनों ही अपने अपने दिलों में जानते थे। तुषार ने पूना में तो तृष्णा ने जयपुर में मिलने के लिए कहा। नारी में यकीनन एक ऐसा आकर्षण होता है कि नर उसे मना करने से हमेशा हिचकिचाता रहता है। तुषार ने बहुत सोचने समझने के उपरांत तृष्णा से जयपुर में मिलने की हामी भरी। हामी भरते ही तुषार ने अमेज़ॉन से कुछ वस्तुओं का अर्जेंट ऑर्डर दे दिया।
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जयपुर के एक होटल में दोनों दिल खोल कर मिले मानो सदियों से एक दुसरे  को जानते हों। पूरा दिन जयपुर घूमने के बाद उन्होंने पूरी रात  एक दुसरे के साथ बितायी। दुसरे दिन  सुबह दोनों बहुत खुश नज़र आ रहे थे मानो कारूं का खज़ाना हाथ लग गया हो। १२ बजे  चेक आउट के समय दोनों ने फिर मिलने के वादे के साथ  अपने अपने शहर की राह ली।
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तृष्णा ने अपना लैपटॉप खोला। तुषार का मैसेज था। मैसेज पढ़ कर वह सन्न रह गयी।  तीन एक विडिओ भी थे।  सभी उन अंतरंग क्षणों के थे जो उसने तुषार के संग जयपुर में गुज़ारे थे। उसे विश्वास नहीं हुआ। पूरे २५ लाख रूपये की मांग तुषार के संदेश में इस धमकी के साथ थी के अगर तृष्णा उसकी मांग पूरी नहीं करेगी तो विडिओ सार्वजानिक हो जाएंगे।  कुछ देर तो उसे विश्वास नहीं हुआ पर फिर वह बेतहाशा हंसने लगी।
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तुषार ने अपना लैपटॉप खोला। तृष्णा  का मैसेज था। मैसेज पढ़ कर वह सन्न रह गया ।  तीन एक विडिओ भी थे।  सभी उन अंतरंग क्षणों के थे जो उसने तृष्णा  के संग जयपुर में गुज़ारे थे। उसे विश्वास नहीं हुआ। पूरे ५ लाख रूपये की मांग तृष्णा  के संदेश में इस धमकी के साथ थी के अगर तुषार उसकी मांग पूरी नहीं करेगा तो विडिओ सार्वजानिक हो जाएंगे।  कुछ देर तो उसे विश्वास नहीं हुआ पर फिर वह बेतहाशा हंसने लगा।
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प्यार की परिभाषा फेसबुक ने अब बदल कर रख दी थी ।
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सर्वाधिकार सुरक्षित/त्रिभवन कौल
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Trauma in "How To Prevent Rape and Molestation"


Year 2009. It was a contest for selection of poems to be included in a book authored by Late Dr. Aroona Reejsinghani. The contest was conducted by Authors Association of India (Redg.Trust), Mumbai  founded by producer/ writer/director late Kwaja Ahmad Abbas and headed by late Dr. Aroona Reejsinghani, its Chairperson. Two representative poems on the subject were selected out of fifty odd poems and one of the poems was mine. The book was ‘ How To Prevent Rape and Molestation’. The subject was relevant then as it is relevant now. I am reposting my poem here after a long time for those of my friends who have not read it earlier. Thanks. Happy reading.


Trauma

She wakes up
Trembling, frightened, pale faced and humiliated
Day and night
When humans become inhumane
And  shame has no place to hide.

Hunted before the crowds
Molested behind the bushes
Raped in the moving cars
Relatives, friends, goons, terrorists or
By political czars.

Mentally mauled, physically abused
Everyone looks on but never rescued
Nightmarish moments never out of sight
Living dead or deadly living
Soul and body always in fright.

Tender age matters to none
Everything she dreams, is undone
In a flash, everyone jumps in
To encash
Her innocence, her trauma, her conscience
For five minutes of fame
Putting even THE GOD in shame.
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All rights reserved/Tribhawan Kaul

Thursday, 17 August 2017

दोहा/दोहे -20

फूलन संग शूल भयो, जीवन संगी काल 
तथ्य समझ जो आ गयो, जी बिन माया जाल। 
Foolan sng shool bhyo, jeevn sangi kaal
Tathy smjh jo aa gayo, jee bin maaya jaal.
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सर्वाधिकार सुरक्षित /त्रिभवन कौल

Wednesday, 16 August 2017

देश की कसम



देश की कसम
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देश की कसम
है यही रस्म
खदेड़ शत्रु को
या करो भस्म। 

तिरंगे की शान हो
तिरंगे का मान हो
रखे जो बद नज़र
बचे ना वह,ज्ञान हो।  

पथ्थरबाज़ों की दुकान
आतंक की ख़ूनी खान
कर दो नेस्तनाबूद
भारत अपना जी -जहान। 

सलामती की चाह हो
शहादत बस राह हो
सिखा गद्दारों को सबक़
बस देश की परवाह हो। 

विरोध करेंगे घोर भी
बुद्धिजीवी शोर भी
बिके हुए हैं कुछ यहाँ
निपटेंगे यह दौर भी। 

पाक हो या चीन हो
काल जो संगीन हो
भारती का तेज ऐसा
दुश्मन भी दीन हो।

भारत कहो या हिन्दुस्तान
दिल हमारा, अपनी  जान
देश भक्ति धर्म अपना
कोई मज़हब और न मान। 

जय भारत, हिन्दुस्तान
देश  रक्षा, दे बलिदान
जीवन का  लक्ष्य महान
जय भारत,  हिन्दुस्तान
जय भारत,  हिन्दुस्तान
जय भारत,  हिन्दुस्तान
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सर्वाधिकार सुरक्षित /त्रिभवन कौल