Thursday, 22 December 2016

वर्ण पिरामिड-(37-38)

वर्ण पिरामिड-(37-38) दुग्ध
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है
दुग्ध
ममता
स्तनपान
ठोस आहार 
नेह का बंधन  
भविष्य का नंदन
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दो
गाँव
अमूल
स्वेत क्रांति
दुग्ध पोषण
सहआंदोलन
वर्गीज कुरियन
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सर्वाधिकार सुरक्षित/ त्रिभवन कौल

Monday, 19 December 2016

Bad Company ( Translated into French )

Bad Company ( Translated into French )
Dear friends
This is the fifth poem of mine  which has been translated into French by none other than Honourable Athanase Vantchev de Thracy, World President of Poetas del Mundo , undoubtedly one of the greatest poets of contemporary French.
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Bad Company
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Fatigued and exhausted home coming makes me restless
As if I am swallowed whole by the emptiness
Stacked famous ones whirl around, pity me
As termites start digesting me
Spider webs decorating walls
House lizards playing ball
Bed-bugs play hide & seek
Rats sprint on rugs
Mosquitoes sing
Buzzing
flies
Melodious
Cricket’s chirping
Frog’s croaking, all keep me
Awake whole night yet fill my emptiness
With their presence without which my life
Would have been one of emptiness and loneliness
Getting rid of them from the core threaten my existence
Yet I am bent upon driving them out to be with HIM in ONENESS
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En mauvaise compagnie

 Rentrer à la maison fatigué et épuisé me met sur les nerfs
Comme si j’avais été avalé tout entier par le vide.
Des célébrités tournoient autour de moi et me prennent en pitié,
Alors que les termites commencent à me digérer.
Des toiles d'araignées décorent les murs,
Des lézards familiers échangent des balles,
Des punaises de lit jouent  à cache-cache,
Des rats courent sur les tapis,
Des moustiques chantent,
Des mouches bourdonnent,
Des criquets stridulent mélodieusement,
Des grenouilles coassent :
Tout cela me garde éveillé toute la nuit
Et leur présence remplit mon vide.
Sans elle, ma vie n’aurait jamais été
Que vide et solitude.
Les chasser de mon moi intime
Menace mon existence
Et pourtant, je me penche pour les en éloigner
Pour être enfin complètement seul avec moi-même.

Translated by Athanase Vantchev de Thracy
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Born on January 3, 1940, in Haskovo, Bulgaria, the extraordinary polyglot culture studied for seventeen years in some of the most popular universities in Europe, where he gained deep knowledge of world literature and poetry.
Athanase Vantchev de Thracy is the author of 32 collections of poetry (written in classic range and free), where he uses the whole spectrum of prosody: epic, chamber, sonnet, bukoliket, idyll, pastoral, ballads, elegies, rondon, satire, agement, epigramin, etc. epitaph. He has also published a number of monographs and doctoral thesis, The symbolism of light in the poetry of Paul Verlaine's. In Bulgarian, he wrote a study of epicurean Petroni writer, surnamed elegantiaru Petronius Arbiter, the favorite of Emperor Nero, author of the classic novel Satirikoni, and a study in Russian titled Poetics and metaphysics in the work of Dostoyevsky.
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Sunday, 18 December 2016

एक रपट ट्रू मीडिया द्वारा दिनांक १६-१२-२०१६


११ दिसम्बर २०१६  को हुए  युवा उत्कर्ष साहित्यक मंच  के तत्वाधान में हुए  वार्षिक समारोह की एक रपट ट्रू मीडिया द्वारा दिनांक १६-१२-२०१६ 
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http://truemedianews.com/2016/12/16/

नई दिल्ली स्थित पी.के.रोड रेलवे अधिकारी क्लब में हिन्दी साहित्य के प्रचार /प्रसार एवं उन्नयन के प्रति समर्पित दिल्ली स्थित संस्थायुवा उत्कर्ष साहित्यिक मंचका तृतीय वार्षिक काव्य महोत्सव और साहित्यकार एवं पत्रकार समारोह -२०१६ हुआ | इस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री सुभाष राय ,प्रमुख संपादक /जनसन्देश टाइम्स (लखनऊ) ने श्री अनूप श्रीवास्तव ,मुख्य संपादक /अट्टहास (अतिविशिष्ट अतिथि) डा.अकील अहमद,सचिव /ग़ालिब अकेडमी, मशहूर शायर डा. अहमद अली बर्की आज़मी,प्रो.विश्वंभर शुक्ल,डा.रामकुमार चतुर्वेदी,श्री के.के.अग्रवाल (पूर्व सदस्य /यातायात,रेलवे बोर्ड) बि -ख्यात कथाकार बलराम,सम्पादक /लोकायत और सुश्री मीरा शलभ की गरिमामयी उपस्थिति में किया | युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के प्रमुख पदाधिकारियों ने मंचस्थ सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया | तत्पश्चात श्री रामकिशोर उपाध्याय(अध्यक्ष / युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच) ने अपने भाषण में सभी उपस्थित कवियों /कवयित्रियों एवं मंचस्थ अतिथियों का अभिनन्दन करते हुए आमंत्रण स्वीकार करने के लिए उनका अन्तस से आभार प्रकट करते हुए कहा कि अनेकता में एकता का प्रतीक हमारा यह मंच अपनी अद्भुत छवि प्रदर्शित करता है ।उन्होंने यह भी कहा कि सबसे अधिक प्रशंसनीय बात हमारे मंच की है कि तन से प्रौढ़ होते हुए भी सभी रचनाकार मन से युवा हैं और मानव मन की युवा संवेदनाओं की झलक उनकी रचना में प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित होती है | संस्था की विशेष गतिविधियों पर प्रकाश डालने के बाद अंत में इस महासम्मेलन में आये हुए सभी वरिष्ठ और नवांकुर रचनाकारों से निवेदन करते हुए कहा है कि इस वर्ष सम्पन्न होने वाले सम्मेलन में पूर्ण उत्साह और तल्लीनता से अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अपना योगदान दें ताकि आप सबका यह मंच साहित्य के सर्वोच्च शिखर पर आसीन हो,इसी अपेक्षा के साथ उन्होंने कहा कि

मंजिलें और भी बहुत हैं,रास्ता भी कठिन है
सुहाना सफर है जिंदगी का,चलता रहे निरन्तर
बस जीवन के सफर में अपनों का साथ मिलता रहे
राह के कांटे भी फूल बनकर बिखर जायेंगे राहों में।‘’

इसके बाद संस्था के महामंत्री श्री ओमप्रकाश शुक्ल ने विस्तार से पिछले एक वर्ष की प्रगति रिपोर्ट सदन के सम्मुख रखी !

 इस अवसर पर प्रो.विश्वम्भर शुक्ल ,डा.अकील अहमद, श्री के.के. अग्रवाल, श्री अनूप श्रीवास्तव एवं रामकुमार चतुर्वेदी ने इस मंच द्वारा हिंदी के सर्वांगीण विकास एवं संवर्द्धन के लिए उत्कृष्ट योगदान के लिए युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच प्रशंसा करते हुए काव्य की विविध विधाओं में लेखन की सूक्ष्मताओं से नवांकुरों का परिचय कराया | डा.अकील अहमद ,सचिव /ग़ालिब अकाडमी की ओर से सम्पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मंच को ग़ालिब अकादमी में कार्यक्रम करने का निमंत्रण दिया जिसको मंच ने स्वीकार कर उनका इसके लिए आभार प्रदर्शित किया | तत्पश्चात मासिक पत्रिका टू मीडिया ने मंच अध्यक्ष श्री रामकिशोर उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित नवम्बर २०१६ अंक का लोकार्पण भी किया गया |

साहित्यिक परिचर्चा के बाद साहित्यकार -अलंकरण समारोह में शिखर सम्मान‘’भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान’’ सुश्री डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा को प्रदान किया गया |साहित्य की विधाओं में विशिष्ट अवदान के लिए डा. डा.रूप चन्द्र शास्त्री मयंक कोकबीर दोहाकार सम्मान,अकेला इलाहाबादी कोदुष्यंत गज़लकार सम्मान,त्रिभवन कौल को छन्दमुक्त के लिए सुर्यकान्त त्रिपाठी निराला सम्मान,उपन्यास के क्षेत्र में श्री हरिसुमन बिष्ट को अमृतलाल नागर सम्मान,गीत के लिए डा,सविता सौरभ कोभारत भूषण गीतकार सम्मानसुश्री मंजु वशिष्ठ कोमहादेवी वर्मा सम्मान, सुश्री वंदना गोयल को उपन्यास के लिएगौरा पन्त शिवानी सम्मानश्री रतन राठौड़ को कथा के लिए प्रेमचंद कथाकार सम्मान (नकद राशी सहित ) डा.अहमद अली बर्की आज़मी कोग़ालिब गज़लकार सम्मानव्यंग्य के लिए रामकुमार चतुर्वेदी कोहरिशंकर परसाई सम्मानश्रेष्ठ युवा रचनाकार अमीर खुसरो सम्मानयुवा कवि श्री श्वेताभ पाठक के अतिरिक्त हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यिक अवदान के लिए डा. पुष्पा जोशी,डा.पवन विजय,सुश्री शारदा मदरा,अर्चना शर्मा,मिलन सिंह ,पुष्पलता,प्रमिला पाण्डेय ,रेखा जोशी,प्रिंस मंडावरा,सुशील गुप्त,राजकिशोर मिश्र राहत बरेलवी,डा.प्रशांत विजय,विवेक चौहान सहित अनेक प्रौढ़ /तरुण साहित्य साधकों को सम्मानित किया गया | पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य सेवा के लिए पत्रकार श्री बलराम ,संपादक /लोकायत,श्री ओम प्रकाश प्रजापति,संपादक /ट्रू मीडिया ,श्री संजय कुमार गिरि,(मीडिया प्रभारी /यु..सा.मंच,)श्री राजेश्वर राय,संपादक /ट्रू टाइम्स ,श्री राजकुमार सहारा ,संपादक /दैनिक दिन प्रतिदिन ,श्री विनोद गुप्ता ,सम्पादक /दिव्यमान,श्री लाल बिहारी लाल,साहित्य संपादक /हमारा मेट्रो,श्री महताब खान,संपादक /रेड हैंडेड,श्री अंजुम जाफरी ,सम्पादक /इन्कलाब (उर्दू ),श्री अनुपम चौहान ,संपादक /समर सलिल,श्री विजय कुमार दिवाकर /सम्पादक /विजय न्यूज़ को ‘’साहित्य कमल सम्मान’’ दिया गया |

  श्री सुभाष राय ,प्रमुख संपादक /जनसन्देश टाइम्स /लखनऊ ने इस अवसर दिए मुख्य वक्तव्य में (अध्यक्ष / युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच) एवं समस्त टीम को इस उत्तम आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कविता में कला होनी चाहिए जिससे वह अपना आवश्यक प्रभाव पाठक पर छोड़ सके | कवि को अँधेरे और उजाले में अंतर करना आना चाहिए ताकि वह सत्य को सामने रख सके |कविता में सत्य की अभिव्यक्ति को आवश्यक बताते हुए कहा कि कविता पहले पाठक को भीतर से तोडती है फिर उसे जोडती है| हिंदी भाषा में बोलियों के शब्दों के लुप्त होने पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रचनाकारों को अपनी इस अमूल्य धरोहर को बचाना होगा | उन्होंने यह भी कहा कि हम आज अपनी परम्पराओं को खो रहे है | शब्द सिर्फ शब्द नही एक संस्कृति है जो आज टूट रही है ,हमे इसेसुरक्षित रखना होगा | इक उदहारण देते हुए उन्होंने कहा की भाषा हमारी मूर्ति है जिसे हम हटा रहे हैऔर विदेशी भाषा की ओर आकर्षित रहे है | अंग्रेजी गुलामी की प्रतीक है और हमे हिंदी को रोजगारपरक बनाना होगा |इसके लिए एक अभियान का उन्होंने आवाहन किया और सरकार पर दबाव डालने के लिए आग्रह किया | उन्होंने मंच से आग्रह किया कि आजका यह उत्सव हिंदी के लिए आन्दोलन की शक्ल ले और वे इसका पूरा सहयोग करेंगे |इस अवसर पर उन्होंने अपनी एक सुंदर कविता का पाठ कर सबका मन मोह लिया |

  सभी कवियों /कवयित्रियों ने सुन्दर काव्य-पाठ किया एवं श्री प्रमोद वशिष्ठ के सुंदर बांसुरी वादन और ख्यात गायक श्री सुरेन्द्र सागर ने एक सुरीला पंजाबी गीत गाकर सभी को भावविभोर किया | अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी आमंत्रित अतिथियों ,साहित्यकारों ,युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच की पूरी टीमश्री ओम प्रकाश शुक्ल, श्री त्रिभवन कौल,श्री सुरेशपाल वर्मा जसाला,श्री संजय कुमार गिरि, अकेला इलाहाबादी,मंजु वशिष्ठ,पुष्प लता,प्रदीप शर्मा,विवेक चौहान,राजकिशोर मिश्र और श्री श्वेताभ पाठक का इस समारोह के आयोजन में अप्रतिम योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया | मंच का सुंदर सञ्चालन श्री त्रिभवन कौल,श्री सुरेशपाल वर्मा जसाला और श्री श्वेताभ पाठक ने अपने अपने अनूठे अंदाज़ में किया
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http://truemedianews.com/2016/12/16/